आयतुल कुर्सी क़ुरआन की सूरह अल-बक़रा की 255वीं आयत है। पैग़म्बर ﷺ ने इसे क़ुरआन की सबसे बड़ी आयत बताया (Sahih Muslim 810)। जो इसे सोने से पहले पढ़े, अल्लाह उसके साथ सुबह तक एक फ़रिश्ता भेजता है (Sahih al-Bukhari 2311)। हर फ़र्ज़ नमाज़ के बाद पढ़ने वाले को जन्नत में जाने से मौत के अलावा कोई चीज़ नहीं रोकेगी (Sunan an-Nasa’i 9848)।
आयतुल कुर्सी — Arabic Text (Uthmani)
नीचे आयतुल कुर्सी का पूरा अरबी टेक्स्ट Uthmani Mushaf script में दिया गया है — यही script दुनिया भर के मुसहफ़ों में इस्तेमाल होती है। यह क़ुरआन की सूरह अल-बक़रा की 255वीं आयत है।
اللَّهُ لَا إِلَٰهَ إِلَّا هُوَ الْحَيُّ الْقَيُّومُ ۚ لَا تَأْخُذُهُ سِنَةٌ وَلَا نَوْمٌ ۚ لَهُ مَا فِي السَّمَاوَاتِ وَمَا فِي الْأَرْضِ ۗ مَن ذَا الَّذِي يَشْفَعُ عِندَهُ إِلَّا بِإِذْنِهِ ۚ يَعْلَمُ مَا بَيْنَ أَيْدِيهِمْ وَمَا خَلْفَهُمْ ۖ وَلَا يُحِيطُونَ بِشَيْءٍ مِّنْ عِلْمِهِ إِلَّا بِمَا شَاءَ ۚ وَسِعَ كُرْسِيُّهُ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضَ ۖ وَلَا يَئُودُهُ حِفْظُهُمَا ۚ وَهُوَ الْعَلِيُّ الْعَظِيمُ
ऑडियो तिलावत सुनें — MP3 Audio
ऑडियो चलाएँ और अरबी टेक्स्ट के साथ साथ पढ़ें। सुनकर पढ़ना आयत के सही तलफ़्फ़ुज़ (pronunciation) और तजवीद को समझने का सबसे आसान और तेज़ तरीक़ा है। आप इसे एक बार पूरा सुनें, फिर हर आयत के साथ रुक-रुक कर दोहराएँ। बेहतर तजवीद के लिए Sheikh Mishary Rashid Alafasy की मुकम्मल तिलावत या Sheikh Maher Al-Muaiqly की मक्का हरम स्टाइल में नर्म आवाज़ ज़रूर सुनें — दोनों ही आयतुल कुर्सी के लिए दुनिया भर में सबसे ज़्यादा सुनी जाने वाली आवाज़ें हैं।
Ayatul Kursi · मुकम्मल तिलावत (Full recitation)
320kbps High Quality MP3 · अरबी तिलावत · हिंदी अनुवाद के साथ पढ़ें
Video देखें — Ayatul Kursi in Hindi Video
देखकर पढ़ने से याद करना आसान होता है। नीचे दिया गया वीडियो अरबी तिलावत के साथ हिंदी तर्जुमा और transliteration दिखाता है — memorization के लिए बेहतरीन।
Ayatul Kursi Full HD Video with Hindi Translation — हिंदी तर्जुमा के साथ (~1 min 15 sec)
Ayatul Kursi Hindi PDF — मुफ़्त डाउनलोड
7-पेज की PDF में अरबी + हिंदी + तर्जुमा + हर लफ़्ज़ का मतलब + फ़ज़ीलत — बिल्कुल मुफ़्त, प्रिंट-friendly, ~40 KB
Transliteration — Roman & देवनागरी
जो लोग अरबी नहीं पढ़ सकते उनके लिए आयतुल कुर्सी का हिंदी उच्चारण देवनागरी लिपि में और साथ में Roman Hindi (Hinglish) दिया गया है। दोनों को ऑडियो के साथ मिलाकर देखें — यह याद करने का सबसे तेज़ तरीक़ा है।
Devanagari transliteration — देवनागरी में
ला ता’ख़ुज़ुहू सिनतुँव-वला नौम।
लहू मा फ़िस-समावाति व-मा फ़िल-अर्ज़।
मन ज़ल-लज़ी यश्फ़अ’उ इंदहू इल्ला बि-इज़्निह?
य’लमु मा बैना अईदीहिम व-मा ख़ल्फ़हुम,
व-ला युहीतूना बि-शय-इम्-मिन इल्मिही इल्ला बिमा शा।
व-सिअ’ कुर्सिय्युहुस-समावाति वल-अर्ज़,
व-ला य’ऊदुहू हिफ़्ज़ुहुमा,
व-हुवल-अ’लिय्युल-अ’ज़ीम।
Roman Hindi / Hinglish — आसान तलफ़्फ़ुज़
La ta’khudhuhu sinatun wa la nawm.
Lahu ma fis-samawati wa ma fil-ard.
Man dhal-ladhi yashfa’u ‘indahu illa bi-idhnih?
Ya’lamu ma bayna aydihim wa ma khalfahum,
wa la yuhituna bi-shay-im-min ‘ilmihi illa bima sha’.
Wasi’a kursiyyuhus-samawati wal-ard,
wa la ya’uduhu hifzuhuma,
wa Huwal-‘Aliyyul-‘Azim.
मुकम्मल हिंदी तर्जुमा — Full Hindi Translation
आयतुल कुर्सी का शुद्ध, आसान हिंदी अनुवाद — शब्दश: नहीं बल्कि पूरे अर्थ को समझने के लिए। यह अनुवाद हमारी संपादकीय टीम ने Sahih International (English), हिंदी क़ुरआन के मुख़्तलिफ़ तर्जुमों और तफ़सीर के आधार पर तैयार किया है।
उसे न ऊँघ आती है और न नींद।
आसमानों और ज़मीन में जो कुछ है, सब उसी का है।
कौन है जो उसकी इजाज़त के बग़ैर उसके सामने किसी की सिफ़ारिश कर सके?
वह जानता है जो कुछ उनके सामने है और जो कुछ उनके पीछे है।
और वे उसके इल्म में से कुछ भी अपने घेरे में नहीं ले सकते, मगर वो जो वह चाहे।
उसकी कुर्सी आसमानों और ज़मीन को समेटे हुए है,
और उन दोनों की हिफ़ाज़त उस पर भारी नहीं।
और वही सबसे बुलंद है, सबसे बड़ा है।
See also our full English translation with three scholars and the phrase-by-phrase meaning breakdown.
हर लफ़्ज़ का मतलब — Word-by-Word Meaning
आयतुल कुर्सी को ठीक से याद करने और उसका पूरा मफ़हूम समझने के लिए हर लफ़्ज़ का अलग-अलग मतलब जानना ज़रूरी है। नीचे दी गई table में अरबी, transliteration और हिंदी अर्थ एक साथ है।
| Arabic | Transliteration | हिंदी अर्थ |
|---|---|---|
| اللَّهُ | अल्लाह | अल्लाह |
| لَا إِلَٰهَ | ला इलाह | कोई मा’बूद नहीं |
| إِلَّا هُوَ | इल्ला हुवा | उसके सिवा |
| الْحَيُّ | अल-हय्यु | हमेशा ज़िंदा रहने वाला |
| الْقَيُّومُ | अल-क़य्यूम | क़ायम रखने वाला |
| لَا تَأْخُذُهُ | ला ता’ख़ुज़ुहू | उसे नहीं आती |
| سِنَةٌ | सिनह | ऊँघ |
| وَلَا نَوْمٌ | व ला नौम | और न नींद |
| لَهُ مَا | लहू मा | उसी का है जो कुछ |
| فِي السَّمَاوَاتِ | फ़िस-समावात | आसमानों में |
| وَمَا فِي الْأَرْضِ | व मा फ़िल-अर्ज़ | और ज़मीन में |
| مَنْ ذَا الَّذِي | मन ज़ल-लज़ी | कौन है वह जो |
| يَشْفَعُ عِنْدَهُ | यश्फ़अ’ इंदहू | उसके पास सिफ़ारिश करे |
| إِلَّا بِإِذْنِهِ | इल्ला बि-इज़्निह | सिवाय उसकी इजाज़त के |
| وَسِعَ كُرْسِيُّهُ | व सिअ’ कुर्सिय्युहू | उसकी कुर्सी घेरे हुए है |
| الْعَلِيُّ الْعَظِيمُ | अल-अ’लिय्युल-अ’ज़ीम | सबसे बुलंद, सबसे बड़ा |
आयतुल कुर्सी का मफ़हूम — Deep Meaning
आयतुल कुर्सी सिर्फ़ एक आयत नहीं — इसमें अल्लाह की 10 बड़ी सिफ़ात (attributes) एक साथ बयान की गई हैं। इसीलिए इसे क़ुरआन की सबसे बड़ी आयत कहा गया है।
आयत में अल्लाह की 10 बड़ी सिफ़ात
- तौहीद — कोई मा’बूद नहीं सिवाय उसके।
- अल-हय्यु — वह हमेशा ज़िंदा है।
- अल-क़य्यूम — वह हर चीज़ का सहारा है।
- कमज़ोरी से पाक — उसे ऊँघ या नींद नहीं आती।
- मालिक — आसमानों और ज़मीन का सब कुछ उसी का है।
- सर्वोच्च क़ुदरत — बिना उसकी इजाज़त के कोई सिफ़ारिश नहीं कर सकता।
- हर चीज़ का इल्म — वह अतीत और भविष्य दोनों जानता है।
- अकेला इल्म वाला — बंदे उसके इल्म का सिर्फ़ उतना ही जान सकते हैं जितना वह चाहे।
- कुर्सी की व्यापकता — उसकी कुर्सी आसमानों और ज़मीन से भी बड़ी है।
- अल-अ’ली-अल-अ’ज़ीम — वह सबसे बुलंद, सबसे बड़ा है।
“कुर्सी” का क्या मतलब है?
आयतुल कुर्सी में “कुर्सी” शब्द का शाब्दिक मतलब है बैठने की जगह — लेकिन क्लासिकल तफ़सीर के मुताबिक़ यह अल्लाह की व्यापक क़ुदरत और इल्म का प्रतीक है, न कि कोई physical furniture। इब्न-ए-अब्बास (रज़ि.) ने इसे “अल्लाह के इल्म का दायरा” बताया है (Tabari, Ibn Kathir)।
“कुर्सी” और “अर्श” में फ़र्क़: कुर्सी और अर्श दोनों अलग-अलग हैं — अर्श क़ुरआन में कई जगह ज़िक्र किया गया अल्लाह का सबसे बड़ा तख़्त है, जबकि कुर्सी उससे छोटी है। इब्न-ए-अब्बास फ़रमाते हैं: “अर्श के मुक़ाबले कुर्सी ऐसी है जैसे किसी बड़े सहरा में एक अँगूठी।” पूरी तफ़सीर के लिए तफ़सीर पेज देखें।
नज़ूल का पसमंज़र — Context of Revelation
आयतुल कुर्सी सूरह अल-बक़रा (सूरत 2) की 255वीं आयत है, जो मदीना में नाज़िल हुई। इसका कोई ख़ास asbāb al-nuzūl (नज़ूल का कारण) साबित नहीं है — बल्कि यह पूरी सूरह अल-बक़रा का हिस्सा है जो कई साल में नाज़िल हुई। लेकिन इसकी फ़ज़ीलत के बारे में कई सहीह हदीसें हैं जो नीचे दिए गए हैं।
फ़ज़ीलत — Benefits from Authentic Hadith
नीचे दी गई फ़ज़ीलतें सिर्फ़ सहीह हदीसों से ली गई हैं। हम ऐसी कोई फ़ज़ीलत नहीं जोड़ेंगे जो हदीस से साबित नहीं। पूरी हदीस references के लिए benefits page देखें।
“जो सोने से पहले आयतुल कुर्सी पढ़े, अल्लाह उसके साथ एक फ़रिश्ता भेज देता है जो सुबह तक उसकी हिफ़ाज़त करता है, और कोई शैतान उसके पास नहीं आ सकता।”
“जो हर फ़र्ज़ नमाज़ के बाद आयतुल कुर्सी पढ़े, उसे जन्नत में जाने से मौत के अलावा कोई चीज़ नहीं रोकेगी।”
पैग़म्बर ﷺ ने उबई इब्न-ए-का’ब से पूछा: “क़ुरआन की सबसे बड़ी आयत कौन-सी है?” उन्होंने कहा: “अल्लाहु ला इलाहा इल्ला हुवल-हय्युल-क़य्यूम…” आप ﷺ ने उनके सीने पर हाथ रखा और फ़रमाया: “ऐ अबुल-मुंज़िर, इल्म तुम्हें मुबारक हो।”
कब कब पढ़ें — Daily Routine
आयतुल कुर्सी को दिन में कई बार पढ़ना सुन्नत है। यहाँ 6 अहम मौक़े हैं जब सहीह हदीसों में इसे पढ़ने की तवज्जो दी गई है।
सुबह के अज़कार
फ़ज्र की नमाज़ के बाद एक बार पढ़ें। दिन भर की हिफ़ाज़त और बरकत के लिए।
पाँच नमाज़ों में
Sunan an-Nasa’i 9848: जन्नत में जाने से मौत के अलावा कोई चीज़ नहीं रोकेगी।
शाम के अज़कार
असर के बाद या मग़रिब से पहले एक बार पढ़ें — रात की हिफ़ाज़त के लिए।
रात की हिफ़ाज़त
Sahih al-Bukhari 2311: सुबह तक फ़रिश्ता आपकी हिफ़ाज़त करेगा।
सफ़र के लिए
घर से निकलते वक़्त पढ़ें। मुफ़्त MP3 फ़ोन में रखें और कार में सुनें।
घर की हिफ़ाज़त
घर में दाख़िल होते वक़्त पढ़ें। शैतान और नज़र-ए-बद से हिफ़ाज़त।
याद कैसे करें — 7-Day Memorization Plan
आयतुल कुर्सी को एक हफ़्ते में आसानी से याद किया जा सकता है — बशर्ते रोज़ाना कुछ मिनट लगाएँ। यहाँ एक proven 7-day plan है।
- दिन 1-2: पूरी आयत अरबी में पढ़ें और ऑडियो पूरी तरह सुनें। हिंदी अनुवाद पढ़कर मतलब समझें।
- दिन 3-4: ऑडियो की स्पीड 0.75× पर करें, एक-एक जुमला रुककर दोहराएँ। जो लफ़्ज़ मुश्किल लगे, Word-by-Word table देखें।
- दिन 5: पहला आधा हिस्सा बग़ैर देखे पढ़ने की कोशिश करें (اللَّهُ لَا إِلَٰهَ … مَا فِي الْأَرْضِ)।
- दिन 6: दूसरा आधा हिस्सा बग़ैर देखे पढ़ें (مَنْ ذَا الَّذِي … الْعَلِيُّ الْعَظِيمُ)।
- दिन 7: पूरी आयत बग़ैर देखे पढ़ें। ऑडियो के साथ compare करें कि तलफ़्फ़ुज़ सही है या नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल — FAQ
आयतुल कुर्सी हिंदी में क्या है?
आयतुल कुर्सी की फ़ज़ीलत क्या है?
आयतुल कुर्सी हिंदी PDF कैसे डाउनलोड करें?
क्या आयतुल कुर्सी को हिंदी में पढ़ा जा सकता है (नमाज़ में)?
आयतुल कुर्सी 100 बार पढ़ने की क्या फ़ज़ीलत है?
आयतुल कुर्सी कब कब पढ़ें?
आयतुल कुर्सी को कितने दिन में याद किया जा सकता है?
आयतुल कुर्सी सुनने के लिए सबसे अच्छे क़ारी कौन हैं?
आयतुल कुर्सी में “कुर्सी” का क्या मतलब है?
आयतुल कुर्सी और अर्श में क्या फ़र्क़ है?
Sources & हवाले
Qur’an
Hadith
- Imam al-Bukhari — Sahih al-Bukhari 2311 — recite before sleep
- Imam an-Nasa’i — Sunan an-Nasa’i 9848 — after every fard prayer
- Imam Muslim — Sahih Muslim 810 — greatest verse of the Qur’an
Tafsir
- Tafsir Ibn Kathir on Qur’an 2:255
- Full classical tafsir with 8 mufassirun: ayatulkursi.org/tafsir/
हिंदी अनुवाद: ayatulkursi.org editorial team · Sahih International, तफ़सीर इब्न कसीर, तफ़सीर अल-क़ुर्तुबी के आधार पर। ग़लती हो तो contact page पर बताएँ।